ITR Filing Deadline Extension 2025 कर्नाटक व सूरत के CA का बड़ा दबाव, क्या सरकार देगी राहत
September 2025 की ITR Filing Deadline Extension 2025 नज़दीक आने के साथ ही टैक्सपेयर और प्रोफेशनल्स की धड़कनें तेज़ हो गई हैं। इस बार स्थिति पहले से अलग है क्योंकि Federation of Karnataka Chambers of Commerce & Industry (FKCCI) और Chartered Accountants Association, Surat (CAAS) दोनों ने केंद्र सरकार से ITR की Due Date Extension की जोरदार मांग रखी है। उनका तर्क है कि बार-बार बदलते ITR Forms, पोर्टल की तकनीकी दिक्कतें और त्योहारों का सीज़न सब मिलकर टैक्सपेयर्स और CAs को मुश्किल में डाल रहा है।
अब बड़ा सवाल है – क्या सरकार टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए ITR Filing Deadline Extension 2025 डेडलाइन आगे बढ़ाएगी? आइए पूरी खबर को पॉइंट-टू-पॉइंट समझते हैं।
कई संस्थाओं ने आयकर रिटर्न (आईटीआर) जमा करने की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है। फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन, सूरत भी इसमें शामिल हो गए हैं। उन्होंने तकनीकी समस्याएं, फॉर्म में परिवर्तन और पोर्टल की गड़बड़ियों को देरी का कारण बताया है।
आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा विस्तार की तस्वीर: अब कर्नाटक वाणिज्य संस्था, सूरत सीए इकाई ने आईटीआर की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की ITR Filing Deadline Extension 2025
दो और संस्थाओं ने आईटीआर की समय सीमा बढ़ाने की मांग की
आयकर रिटर्न दाखिल करने से जुड़े कई संस्थाएँ आयकर (आईटी) विभाग से 15 सितंबर, 2025 तक आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध कर रही हैं, और अब दो और संस्थाएँ भी इस मांग में शामिल हो गई हैं। फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FKCCI) और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन, सूरत (CAAS) ने सरकार से आकलन वर्ष 2025-2026 के लिए विभिन्न प्रकार के आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने का आग्रह किया है।
1. FKCCI (कर्नाटक) की मांग ITR Filing Deadline Extension 2025
कर्नाटक का सबसे बड़ा कॉमर्स बॉडी FKCCI ने CBDT (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सीधे टैक्स) को ऑफिशियल रिक्वेस्ट भेजी है। उनकी प्रमुख बातें: ITR Filing Deadline Extension 2025..
- ITR फॉर्म्स और यूटिलिटी समय पर जारी नहीं हुईं।
- पोर्टल पर बार-बार एरर और लॉगिन इश्यू आते हैं।
- प्रोफेशनल्स के पास क्लाइंट्स के केस पूरे करने के लिए पर्याप्त समय नहीं है।
“नीचे वीडियो में देखिए, क्या ITR Filing Deadline Extension 2025 वास्तव में बढ़ाई गई है, और नया अनुमान क्या है।”
FKCCI ने सुझाई नई तारीखें:
- नॉन-ऑडिट केस: 15 सितम्बर → 31 अक्टूबर 2025
- ऑडिट केस: 31 अक्टूबर → 31 दिसम्बर 2025
- Tax Audit Reports: 30th Sept → 30th Nov 2025
- Revised/Belated Returns: 31st Dec → 31st March 2026
FKCCI का यह कहना है कि इससे टैक्सपेयर्स को आराम मिलेगा और बेहतर क्वालिटी वाली कंप्लायंस हो सकेगी।
2. Surat CA Association (CAAS) ITR Filing Deadline Extension 2025 की राय
सूरत के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भी FKCCI की मांग से सहमत हैं। उन्होंने सरकार से साफ कहा है कि:
- पोर्टल में बार-बार क्रैश और स्लो प्रोसेसिंग की समस्या है।
- Form 26AS और AIS में mishmatch बहुत आए हैं।
- ऐसी इतनी सारी मुश्किलों के बीच 15 सितम्बर की Deadline रखना संभव नहीं है।
# CAAS का तर्क यह है कि अगर सरकार ने समय पर राहत नहीं दी, तो लाखों टैक्सपेयर्स डिफॉल्टर की श्रेणी में आ जाएंगे, जो न केवल उनके लिए ही बल्कि सरकार के लिए भी हानिदायक साबित होगा। फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FKCCI) ने आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है।

3. देशभर के टैक्स बॉडीज की सामान्य चुनौतियाँ
ITR Filing Deadline Extension 2025 ये सिर्फ कर्नाटक और सूरत की मांग नहीं है, बल्कि देशभर की कई Tax Associations यही बात दोहरा रही हैं।
मुख्य समस्याएँ:
- देर से आना ऑफ ITR Forms – जो अप्रैल में जारी हुआ था, इस बार यह जुलाई-अगस्त में आया।
- पोर्टल ग्लिचेस – लॉगिन एरर, अपलोड फेल्योर, वैलिडेशन इश्यू, टाइमआउट।
- Festive Season का प्रभाव – नवरात्रि, दशहरा, दीवाली जैसे त्योहारों पर ऑफिस-वर्किंग डेज़ घट जाते हैं।
- New Reporting Format – ICAI का नया नॉन-कॉर्पोरेट फॉर्मेट टू द वर्क एंड जैसने।
- Mismatch in 26AS/AIS – टैक्स डेटा मेल नहीं खाने की वजह से return filing रुक जाती है।
सभी इन कारणों के चलते करीब हर जगह से ITR Filing Date Extension की अपील उठ रही है।
4. क्यों Deadline Extension जरूरी है?
यदि सरकार इस साल डेडलाइन आगे नहीं बढ़ाती है तो:
- लाखों रिटर्न्स गलतियों के साथ फाइल होंगे।
- CAs और Tax Professionals पर भारी दबाव रहेगा।
- Taxpayers पर पेनल्टी का खतरा बढ़ जाएगा।
- Portal ओवरलोड होकर और भी ज्यादा समस्याएं देगा।
लेकिन अगर सरकार Extension देती है, तो: ITR Filing Deadline Extension 2025
- टैक्सपेयर्स आराम से और सही डाटा के साथ रिटर्न फाइल करेंगे।
- प्रोफेशनल्स को क्वालिटी वर्क करने का मौका मिलेगा।
- सरकार को भी Accurate और Error-Free डाटा मिलेगा।
- Revenue loss नहीं होगा, सिर्फ Filing Date आगे जाएगी।

5.लोगों की राय और रियलिटी चेक
त्योहारों का समय आ रहा है: हम इस बात को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते कि नवरात्रि, दशहरा, दिवाली, भाई दूज और छठ जैसे प्रमुख त्योहार 22 सितंबर 2025 से 27 अक्टूबर 2025 के बीच पड़ रहे हैं। ये दिन सांस्कृतिक उत्सव, भक्ति और पारिवारिक मेलजोल के हैं।
- बहुत से Taxpayers कह रहे हैं कि “सरकार को कम से कम 1-2 महीने का एक्सटेंशन देना ही चाहिए।”
- वहीं कुछ लोग मानते हैं कि Deadline बढ़ाने से लोग ढिलाई बरतते हैं और आखिरी दिन तक काम टालते रहते हैं।
- Experts का कहना है कि इस बार हालात अलग हैं क्योंकि Forms देर से आए और Portal अब तक Stable नहीं है।
6. सरकार क्या करेगी? ITR Filing Deadline Extension 2025
समय क्षतिपूर्ति की माँग: हम “विस्तार” की भीख नहीं माँगते। हम प्रणालीगत विफलता के कारण खोए दिनों और हफ़्तों के लिए समय क्षतिपूर्ति की माँग करते हैं, जो केवल प्रपत्रों के विलंबित अनुमोदन और सॉफ़्टवेयर एजेंसी के सुस्त निष्पादन के कारण हैं।
- अब सभी की आँखें CBDT और Finance Ministry पर घूम रही हैं।
- पिछले वर्ष भी Portal Issues के कारण सरकार ने Extension दी थी।
- आज भी तो संभावना जोरीनसारे है कि Relief Announcement आ सकता है।
परंतु Final Decision आपकी अदि सरकार ही लेगी और वो Revenue Collection, Compliance Data और Portal Status को देखकर ही सोचेंगी।

निष्कर्ष
ITR Filing Deadline Extension 2025 ITR फ़ाइलिंग तिथि का विस्तार की मांग अब न केवल एक या दो संस्थाओं तक होती रही, पूरे देश के Taxpayers और Professionals की अब आवाज़ बन चुकी है।
कर्नाटक की FKCCI और सूरत की CAAS ने तो इस समस्या को और ज्यादा मजबूत कर दिया है।
- अब देखना ये है कि सरकार Taxpayers को राहत देती है या नहीं।
- अब तक इतना तो बता ही दिया कि ITR Filing Deadline Extension 2025 का अनुरोध जायज़ और आवश्यक दोनों लग रहा है।
ITR Filing Deadline Extension 2025: डेडलाइन बढ़ाने की चर्चा तेज़
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
फिलहाल Non-Audit Cases की डेडलाइन 15 सितम्बर 2025 है, जबकि Audit Cases के लिए 31 अक्टूबर 2025 तय की गई है।
FKCCI ने Non-Audit Cases के लिए 31 अक्टूबर, Audit Cases के लिए 31 दिसम्बर, और Belated/Revised Returns के लिए 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
उनका कहना है कि पोर्टल ग्लिचेस, 26AS/AIS mismatch और festive season की वजह से टैक्सपेयर्स को दिक्कत हो रही है।
लेट फाइल करने पर आपको लेट फीस, ब्याज और कई बार Notice का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले साल भी पोर्टल समस्याओं की वजह से सरकार ने Deadline बढ़ाई थी। इस बार भी संभावना बनी हुई है, पर Final फैसला CBDT और Finance Ministry लेगी।

