Gold Price 2025: 5 जबरदस्त कारण जो सोना ₹1,13,000 के पार क्यों सोना अब रुकने नहीं वाला
गोल्ड ₹1,13,000 पार – क्या रुकेगा?
Gold Price 20255 सोने के निवेशकों और अकेले भी आप बेहद दिलचस्प समय देख रहे हैं। गोल्ड ₹1,13,000 तक पहुंच गया है और सवाल उठता है: क्या यह यहीं रुकेगा या आगे और बढ़ेगा? आज हम 5 बड़ी वजहें बताएंगे कि क्यों Gold Price 2025 सोना अब रुकने वाला नहीं है और लंबी दौड़ में सरपट दौड़ेगा। सोने के निवेशकों और आम लोगों के लिए यह समय बेहद दिलचस्प है। गोल्ड ₹1,13,000 तक पहुंच चुका है और सवाल उठता है: क्या यह यहीं रुकेगा या आगे और बढ़ेगा
फेडरल बैंक और डॉलर का असर
अमेरिका में फेडरल बैंक की रेट कट मीटिंग के संकेतों की वजह से डॉलर कमजोर होने की possibility है। Gold Price 2025 badhne ki
- डॉलर कमजोर होने की वजह से निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर बढ़ेंगे।
- सोने की मांग बढ़ेगी, क्योंकि Weak Dollar = Strong Gold।
- शॉर्ट और मीडियम टर्म दोनों में तेजी देखने को मिलेगा।
निष्कर्ष: डॉलर कमजोर होने और फेड रेट कट की वजह से गोल्ड प्राइस Gold Price 2025 में तेजी जारी रहेगा।
ईटीएफ और Institutional निवेश
Gold ETFs ने दुनिया में तहलका मचा रखा है।
- 21 बिलियन डॉलर के गोल्ड ETF निवेश 2025 की पहली छमाही में अमेरिका में हुए।
- दुनिया के ETFs के पास लगभग 3,900 टन सोना हो गया है।
- Institutional निवेशक सोने की ओर बॉन्ड्स से शिफ्ट हो रहे हैं।
- Impact रिटर्न घटते हुए बॉन्ड्स से सोने में निवेश बढ़ रहा है।
निष्कर्ष: ETF और Institutional Buying के कारण सोना निरंतर ऊपर जाएगा।
जियो-पॉलिटिकल क्राइसिस Gold Price 2025
विश्व में कई जगह टेंशन और संघर्ष जारी हैं:
- रशिया-यूक्रेन युद्ध और हवाई हमले।
- इजराइल-हमास संघर्ष
- चाइना-ताइवान टेंशन।
इन परिस्थितियों में निवेशक रिस्की एसेट से पैसा निकालकर सुरक्षित सोने में लगाते हैं।
निष्कर्ष: जियो-पॉलिटिकल क्राइसिस सोने की कीमतों को ऊपर धकेलता है।
सप्लाई साइड कंस्ट्रेंट Gold Price 2025
📺 वीडियो देखें: गोल्ड प्राइस 2025 का हिंदी विश्लेषण – इस वीडियो में जानिए सोने-चांदी की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार, डॉलर रेट और आम जनता की खरीदारी पर असर।
सोना फिक्स्ड रिसोर्स है।
- दुनिया भर में सालाना केवल 3,000 टन सोना माइन होता है।
- केंद्रीय बैंकों के पास 25-30% सोना जाता है।
- मांग बढ़ती जा रही है, सप्लाई कम है।
निष्कर्ष: सीमित सप्लाई और बढ़ती मांग के कारण सोने की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहेगी।
डीडोलराइजेशन और अंतरराष्ट्रीय ट्रेड
चाइना और रशिया ने अपने आपसी ट्रेड में डॉलर को हटाकर युआन और रूबल इस्तेमाल करना शुरू किया है।
- ब्रिक्स और नॉर्थ ईस्ट एशिया में लोकल करेंसी डील बढ़ रही हैं।
- डॉलर की भूमिका घट रही हैं।
- अंतरराष्ट्रीय ट्रेड में सोने की मांग बढ़ रही है।
निष्कर्ष: डीडोलराइजेशन की वजह से डॉलर弱 होगा और सोने की मांग बढ़ जाएगी।

निष्कर्ष
इन 5 पॉवरफुल कारणों की वजह से Gold Price 2025 में तेजी जारी रहेगी।
1.फेड रेट कट और Weak Dollar।
2. ETF और Institutional निवेश।
3. जियो-पॉलिटिकल टेंशन।
4. सप्लाई कंस्ट्रेंट।
5. डीडोलराइजेशन।
Gold Price 2025 शॉर्ट टर्म में डिप आ सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में सोना बढ़ता ही रहेगा। नव निवेशक और आम जनता के लिए यह समय सोने में निवेश का सबसे सही अवसर है।

